Ye Shaam Tum Jaisi– Jai Ojha in hindi || Hindi Lyrics || New Hindi Poetry

Ye Shaam Tum Jaisi– Jai Ojha || Hindi Lyrics || New Hindi Poetry

Ye-Shaam-Tum-Jaisi–Jai Ojha


Ye Shaam Tum Jaisi Baat Baat Me Badal Jati Hai Hindi Lyrics Is Available here, this poem is written and spoken by Youtuber and poet Jai Ojha. We are dedicated this poem lyric to Jai Ojha,

Ye Shaam Tum Jaisi– Jai Ojha || Hindi Lyrics || New Hindi Poetry

कि दिन से मिलकर आती है, रात के आगोश में घुल जाती है। (2×)
ये शाम बिल्कुल तुम जैसी है,
बात बात में बदल जाती है। 

Jai Ojha- बहुत से राइटर्स हुए है इस दुनिया मे, या शायर प्रेमी या बहुत से आर्टिस्ट्स।जिन्होंने अपनी अपनी गर्लफ्रैंड की तुलना अपनी माशूका की तुलना अलग अलग चीजो से की है ,जैसे किसी ने रात से तुलना की है, किसी ने चाँद से तुलना की है,किसी ने सबनम से तुलना की है,किसी ने फूल से तुलना की है।तो ऐसे कंपरिशन्स किये गए और बहुत कुछ लिखा गया है,
यहां पर जो राइटर है इसकी गर्लफ्रैंड है जो इसकी ज़िन्दगी में आती है और बार बार चली जाती है बार बार आती है और बार बार चली जाती है तो इस वजह से इसके जीवन मे एक बिखराव पैदा हो गया है।उस बिखराव के थ्रो ये Poetry निकलती है,तो वो लिखता है कि,)


कि दिन से मिलकर आती है, रात के आगोश में घुल जाती है। (2×)
ये शाम बिल्कुल तुम जैसी है,
बात बात में बदल जाती है।

खूबसूरत है शीतल है आतुर भी है तुम जैसी (2×)
बस जरा सा नादान है शायद कि अधूरे चाँद सी बहल जाती है।(2×)
ठंडी हवाएं और सुर्ख शफर्क,और भी न जाने कितने वादे,(2×)
(शफर्क- जो होरीज़न होता है जो शाम को दिखाई देता है लाल कलर का)
बस जरा सा नादान है शायद कि अधूरे चाँद सी बहल जाती है।
ठंडी हवाएं और सुर्ख शफर्क,और भी न जाने कितने वादे,
साथ रहने की कसमें खाकर,
रफ्ता रफ्ता ढल जाती है,
ये शाम बिल्कुल तुम जैसी है,
बात बात में बदल जाती है।

कि कभी सुर्ख लाल तो कभी जर्द सी,तो कभी हवाओं सी मचल जाती है।

कि कभी सुर्ख लाल तो कभी जर्द सी,तो कभी हवाओं सी मचल जाती है।(2×)

इसकी शक्ल होती अगर तो  हूबहू दिखती तुम जैसी,
इसकी शक्ल होती अगर तो  हूबहू दिखती तुम जैसी,

एक पल ने मदरूर है और एक पल में ही पिघल जाती है ।
ये शाम बिल्कुल तुम जैसी है,
बात बात में बदल जाती है।

(Full version coming soon...........)

Full poem is here.......



Ye Shaam Tum Jaisi– Jai Ojha in hindi || Hindi Lyrics || New Hindi Poetry Ye Shaam Tum Jaisi– Jai Ojha in hindi  || Hindi Lyrics || New Hindi Poetry Reviewed by Avil Jacson on September 16, 2018 Rating: 5

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